Monday, March 2, 2026

शम्भु नाथ गोस्वामी की एकल प्रदर्शनी




नई दिल्ली की शांता आर्ट गैलरी में इन दिनों शम्भु नाथ गोस्वामी की एकल प्रदर्शनी कला-प्रेमियों के लिए एक विशेष अनुभव बन गई है। इस प्रदर्शनी में उनके पिछले कई वर्षों की सृजनात्मक यात्रा को समेटती रचनाएँ प्रदर्शित की गई हैं, जो उनके कलात्मक विकास और दृष्टि के विस्तार को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। शांता आर्ट गैलरी के डायरेक्टर दलीप सिंह हितकारी ने प्रदर्शनी के उद्घाटन पर अतिथियों का स्वागत किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन  शिल्प कलाकार बीमान बिहारी दास, वरिष्ठ कलाकार प्रेम सिंह, नीरेन सेन गुप्ता, अपर्णा कौर, जितेन हजारिका, अनिल सुतार व अन्य कलाकारों के हाथों हुआ। इस अवसर पर अनेक कलाकार व कला प्रेमी उपस्थित थे जिनमें नवीन कुमार जग्गी, मोहन सिंह, संजीव सिंह, कमल सेठ, रामकृष्ण अग्रवाल, रूपचंद, अजय समीर, नीरज शर्मा, रितु बिसारिया सक्सेना, आनंद मोय बनर्जी, सुनीता लांबा, प्रकाश चांदवडकर, कविता राजपूत आदि उपस्थित थे। 





प्रकृति, कल्पना और मानवीय आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई ये कृतियाँ दर्शकों को एक बहुस्तरीय संसार में ले जाती हैं। कहीं प्रकृति के सूक्ष्म रंगों का विस्तार है, तो कहीं मानवीय भावनाओं की गहरी परतें। प्रत्येक पेंटिंग अपने आप में एक संपूर्ण कथानक प्रस्तुत करती हैमानो रंग और रेखाएँ मिलकर कोई मौन कहानी कह रही हों।






आकृतियों की प्रधानता के बावजूद कलाकार ने अमूर्तन का सशक्त प्रयोग किया है, जिससे रचनाओं में प्रतीकात्मकता और व्याख्यात्मक विस्तार दोनों जुड़ जाते हैं। कुछ पेंटिंग्स में ड्राइंग का अत्यंत सुंदर संयोजन दिखाई देता है, जो उनकी रेखांकन क्षमता और संरचना-बोध को उजागर करता है। समग्र रूप से यह प्रदर्शनी न केवल दृश्य आनंद देती है, बल्कि दर्शकों को विचार और अनुभूति के स्तर पर भी सक्रिय करती है।